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GILOY गिलोय


गिलोय के फायदे

गिलोय एक ऐसा चमत्कारी पौधा है, जो सभी तरह के मर्ज की दवा साबित होता है। गिलोय किस तरह से मानव जीवन को हर तरह के रोगों से छुटकारा दिलाकर रोगमुक्त करती है। गिलोय एक ऐसी औषधि है, जिसे अमृत तुल्य वनस्पति माना जाता है। आयुर्वेदिक द्रष्टिकोण से रोगों को दूर करने में सबसे उत्तम औषधि के रूप में गिनी जाती है। यह मनुष्य को किसी भी प्रकार के रोगों से लड़ने कि ताकत प्रदान करती है। गिलोय की एक सबसे अच्छी खासियत ये है कि यह जिस भी पेड़ पर चढ़ जाती है, उसके गुण को अपने भीतर चढ़ा लेती है। नीम पर चढ़ी हुई गिलोय सबसे उत्तम मानी जाती है।


Benefits of Giloy

Giloy is one such miracle plant, which proves to be a medicine for all types of merge. How does Giloy relieve human life from all kinds of diseases and get rid of diseases. Giloy is a medicine that is considered as a plant like nectar. From the Ayurvedic point of view, it is considered as the best medicine to cure diseases. It gives man strength to fight against any kind of diseases.

One of the best features of Giloy is that whatever tree it climbs on, it carries its quality within. Giloy mounted on neem is considered the best.

ज्वरनाशक है गिलोय 

गिलोय को ज्वरनाशक भी कहा जाता है। अगर कोई व्यक्ति काफी दिनों से किसी भी तरह के बुखार से पीड़ित है और काफी दवाएं लेने के बाद भी बुखार में कोई आराम नहीं मिल रहा हो तो ऐसे व्यक्ति को रोजाना गिलोय का सेवन करना चाहिए। इसके साथ ही अगर किसी को डेंगू बुखार आ रहा हो तो उसके लिए मरीज को डेंगू की संशमनी वटी (गिलोय घनवटी) दवा का सेवन कराया जाए तो बुखार में आराम मिलता है। संशमनी वटी दवा डेंगू बुखार की आयुर्वेद में सबसे अच्छी दवा मानी जाती है।

Giloy's antipyretic

Giloy is also known as antipyretic. If a person is suffering from any kind of fever for a long time and even after taking a lot of medicines, there is no relief in the fever, then such a person should take Giloy daily. Along with this, if someone is suffering from dengue fever, the patient gets dengue syrupy vat (Giloy Ghanwati) medicine, then the fever gets relief. Sambamani Vati is considered the best medicine in Dengue fever in Ayurveda.


आंखों की रोशनी बढ़ाये
जिनकी आंखों की रोशनी कम हो रही हो, उन्हें गिलोय के रस को आंवले के रस के साथ देने से आंखों की रोशनी भी बढ़ती है और आंख से संबंधित रोग भी दूर होते हैं। गिलोय एक शामक औषधि है, जिसका ठीक तरह से प्रयोग शरीर में पैदा होने वाली वात, पित्त और कफ से होने वाली बीमारियों से छुटकारा दिला सकता है।

Increase eyesight

For those whose eyesight is decreasing, giving the juice of Giloy with Amla juice increases the light of the eyes and diseases related to the eye are also removed. Giloy is a sedative, whose proper use can relieve the diseases caused by vata, bile and phlegm arising in the body.

पाचन रहे दुरुस्त 
गिलोय के रस का नियमित रूप से सेवन करने से पाचन तंत्र ठीक रहता है। हमारा पाचन तंत्र ठीक रहे, इसके लिए आधा ग्राम गिलोय पाउडर को आंवले के चूर्ण के साथ नियमित रूप से सेवन करना चाहिए। गिलोय शरीर में खून के प्लेटलेट्स की गिनती को बढ़ाती है।

Digestion is good

Regular intake of Giloy juice keeps the digestive system healthy. To keep our digestive system fine, half gram of Giloy powder along with Amla powder should be consumed regularly. Giloy increases the count of blood platelets in the body.

डायबिटीज में फायदेमंद
जिन लोगों को डायबिटीज की बीमारी है, उन्हें गिलोय के रस का नियमित रूप से सेवन करना चाहिए। डायबिटीज के मरीजों के लिए यह वरदान है। ऐसे लोगों को हाथ की छोटी उंगली के बराबर (एक बलिस्त) गिलोय के तने का रस और बेल के एक पत्ते के साथ थोड़ी सी हल्दी मिलाकर एक चम्मच रस का रोजाना सेवन करना चाहिए। इससे डायबिटीज की समस्या नियंत्रित हो जाती है।

Beneficial in diabetes

People who have diabetes disease should take Giloy juice regularly. This is a boon for diabetic patients. Such people should take a teaspoon of juice daily by mixing a little turmeric juice with a little finger of hand (a sacrificial) juice of giloy stem and a leaf of vine. With this, the problem of diabetes is controlled.

दूर करे मोटापा 
मोटापा से परेशान व्यक्ति को रोजाना गिलोय का सेवन करना चाहिए। इसके एक चम्मच रस में एक चम्मच शहद मिलाकर सुबह-शाम लेने से मोटापा दूर हो जाता है। इसके अलावा अगर पेट में कीड़े हो गए हों और कीड़े के कारण शरीर में खून की कमी हो रही हो तो पीड़ित व्यक्ति को कुछ दिनों तक नियमित रूप से गिलोय का सेवन कराना चाहिए।

Remove obesity

A person suffering from obesity should consume Giloy daily. Mixing one teaspoon of honey in one teaspoon of this juice and taking it twice a day ends obesity. Apart from this, if there have been bugs in the stomach and there is a lack of blood in the body due to the worms, then the victim should take Giloy regularly for a few days.

इम्यूनिटी बढ़ाएं 
गिलोय में एंटीऑक्सिडेंट गुण होते हैं, जो खतरनाक रोगों से लड़कर शरीर को सेहतमंद रखते हंै। गिलोय किडनी और लिवर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालती है और खून को साफ करती है। नियमित रूप से गिलोय का जूस पीने से रोगों से लड़ने की क्षमता में बढ़ोत्तरी होती है।

Increase immunity

Giloy has antioxidant properties that keep the body healthy by fighting dangerous diseases. Giloy excretes toxins from the kidneys and liver and cleanses the blood. Drinking Giloy juice regularly increases the ability to fight against diseases.

सर्दी-खांसी दूर भगाए
किसी व्यक्ति को लगातार सर्दी-खांसी-जुकाम की समस्या हो रही हो तो उन्हें गिलोय के रस का सेवन कराएं। दो चम्मच गिलोय का रस हर रोज सुबह लेने से खांसी से काफी राहत मिलती है। यह उपाय तब तक आजमाएं, जब तक खांसी पूरी तरह ठीक न हो जाए।

Cold cough away

If a person is constantly having problems with cold, cough and cold, then he should take Giloy juice. Taking two teaspoons of Giloy juice daily in the morning provides great relief from cough. Try this remedy until the cough is completely cured.

ध्यान दें
गिलोय के पत्तों का सेवन नहीं करना चाहिए। इसके डंठल का ही प्रयोग करना चाहिए। अधिक मात्रा में गिलोय का सेवन न करें, अन्यथा मुंह में छाले हो सकते हैं।

pay attention

Giloy leaves should not be consumed. Only its stalk should be used. Do not consume Giloy in excess, otherwise mouth ulcers may occur.


गिलोय इम्यूनिटी बूस्टर का करता है-गिलोय का इस्तेमाल बुखार में एक आयुर्वेदिक दवा के रूप में लाभ पहुंचाता है. इसका इस्तेमाल डायबिटीज रोगियों के लिए बहुत सारे फायदे हैं. डायबिटीज में गिलोय का सेवन करने से ब्लड शुगर कंट्रोल रहता है और पाचन तंत्र बेहतर बनाता है. यह इम्यूनिटी बढ़ाने में भी मददगार होता है.  मोटापा कम करने के लिए गिलोय के अनेक फायदे हैं क्योंकि इससे शरीर के मेटाबॉलिज्म बेहतर होता है.


Giloy uses immunity boosters - Giloy is used as an Ayurvedic medicine in fever. Its use has many benefits for diabetes patients. Consuming Giloy in diabetes keeps blood sugar control and improves digestive system. It is also helpful in increasing immunity. Giloy has many benefits to reduce obesity because it improves the metabolism of the body.

गिलोय खाने के नुकसान
आमतौर पर कहा जाए तो गिलोय का नुकासन न के बराबर है. वहीं कुछ मामलों में इसके सेवन करने से काफी नुकसानदेह साबित हो सकता है. ब्लड शुगर कम होने पर गिलोय के नुकसान हो सकते हैं. यदि आपका पाचन ठीक नहीं रहता तो इसके नुकसान हो सकते हैं. गिलोय का इस्तेमाल गर्भावस्था के लिए काफी नुकसानदायक होते हैं.

Disadvantages of eating Giloy

Generally speaking, Giloy has a negligible loss. At the same time, consuming it in some cases can prove to be very harmful. Giloy can cause loss of blood sugar. If your digestion is not good then it can cause damage. Use of Giloy is very harmful for pregnancy.

 EFFECTS and Side EFFECTS-

गिलोय (Giloy) एक बेल है, जो जंगल-झाड़ियों में जल्दी उपलब्ध होती है। इसका इस्तेमाल प्राचीन काल से आयुर्वेदिक औषधि के रूम में किया जा रहा है। जब से डेंगू में गिलोय (Giloy in dengue) के सेवन से होने वाले फायदों के बारे में लोगों को पता चला है, तब से लोग अपने घरों में भी गिलोय की बेल लगाना शुरू कर दिए हैं। गिलोय की पत्तियां दिखने में पान के पत्तों की तरह होती हैं और इसका रंग गाढ़ा हरा होता है। गिलोय एक लोकप्रिय पौधा है, जिसका इस्तेमाल आयुर्वेद में कई तरह की शारीरिक समस्याओं को दूर करने के लिए किया जाता है। गिलोय सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है, लेकिन इसके कुछ नुकसान भी होते (Giloy Side effects) हैं।

इसमें एंटी-पायरेटिक, एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी-ऑर्थरिटिक और एंटीऑक्सिडेंट गुण मौजूद होते हैं, जो कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं जैसे पाचन से संबंधित समस्याएं, इंफ्लेमेशन या सूजन, रक्त शोधन (blood purification) और दर्द आदि से छुटकारा दिलाता है। कई अन्य समस्याओं को भी दूर करने के लिए गिलोय (Giloy) एक उपयुक्त प्राकृतिक उपचार है। गिलोय से हृदय से संबंधित समस्याएं, एनीमिया, कुष्ठ रोग और पीलिया जैसे रोगों का उपचार भी किया जाता है। इसका इस्तेमाल अक्सर लोग डेंगू, स्वाइन फ्लू को खत्म करने के लिए भी करते हैं। इतने फायदे गिलोय (Giloy benefits) में मौजूद होने के बाद भी इसके कुछ नुकसान भी होते हैं। जानें, गिलोय से होने वाले सेहत नुकसान (Giloy Side effects) के बारे में 

गिलोय में एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-इंफ्लेमेटरी और कैंसर रोधी गुण पाए जाते हैं। यह पीलिया, बुखार, अर्थराइटिस, डायबिटीज, कब्ज, एसिडिटी, अपच, पेशाब से संबंधित समस्याओं में काफी फायदेमंद होता है। गिलोय के सेवन से वात, पित्त और कफ तीनों नियंत्रित रहती हैं।

गिलोय में मौजूद पोषक तत्व (Nutrients Present In Giloy)

गिलोय एक हेल्दी आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी है, जिसमें कई पोषक तत्व मौजूद होते हैं। गिलोय में गिलोइन नाम का ग्लूकोसाइड, पामेरिन, टीनोस्पोरिन, टीनोस्पोरिक एसिड मौजूद होता है। साथ ही इसमें आयरन, फॉस्फोरस, कॉपर, कैल्शियम, जिंक, मैगनीज भी अधिक मात्रा में मौजूद होते हैं। ये सभी शरीर के लिए काफी महत्वपूर्ण पोषक तत्व हैं, जो कई रोगों से शरीर को बचाने का काम करते हैं।

गिलोय के नुकसान (Disadvantages Of Giloy) 

कब्ज की समस्या

वैसे तो गिलोय पाचन स्वास्थ्य समस्याओं के इलाज में काफी प्रभावी होता है, लेकिन कभी-कभी पेट को यह नुकसान भी पहुंचाता है। इसका सेवन आप चाहे जैसे भी करें, इससे कब्ज (Giloy increases constipation) की समस्या हो सकती है। गिलोय के सेवन से जब कब्ज या पेट में जलन की समस्या महसूस हो, तो डॉक्टर से जरूर मिलें।

पेट संबंधित रोग में ना करें सेवन

किसी भी तरह का पेट से संबंधित कोई समस्या हो, तो गिलोय का सेवन करने से बचना चाहिए। गिलोय अपच की समस्या को बढ़ा सकता है। अपच के कारण पेट में दर्द और मरोड़ की शिकायत हो सकती है।

ब्‍लड शुगर का स्‍तर को करे प्रभावित

गिलोय स्वास्थ्य के लिए विभिन्न कारणों से अच्छा (Giloy benefits) होता है, लेकिन कुछ मामलों में यह समान रूप से हानिकारक भी होता है। जिन लोगों को रक्त शर्करा (Giloy effects Blood sugar level) के स्तर से संबंधित स्वास्थ्य समस्याएं हैं, उन्हें पूरी तरह से इस हर्ब के सेवन से बचना चाहिए, क्योंकि यह रक्त शर्करा के स्तर को और भी ज्यादा प्रभावित कर सकता है। गिलोय रक्त शर्करा के स्तर को काफी कम कर देता है। ऐसे में आपको लो ब्लड शुगर लेवल होने से कई अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के होने का खतरा पैदा हो सकता है। डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही गिलोय का सेवन करें।

ऑटोइम्‍यून डिसऑर्डर

शरीर में इम्यून सिस्टम को हमेशा मजबूत बनाए रखना चाहिए ताकि आप गंभीर रोगों से बचे रहें। लेकिन जब यह अधिक सक्रिय हो जाए, तो खतरनाक भी होता है। गिलोय कई बार इम्यून सिस्टम को अधिक उत्तेजित कर सकता है, जिसके परिणामस्वरूप ऑटोइम्यून डिसऑर्डर के लक्षण जैसे कि ल्यूपस, मल्टीपल स्केलेरोसिस और रूमेटाइड अर्थराइटिस हो सकते हैं। ऑटोइम्यून विकारों से पीड़ित लोगों को गिलोय से पूरी तरह से बचना चाहिए।

प्रेग्नेंसी में ना करें गिलोय का सेवन

गर्भावस्था में या फिर स्तनपान कराने वाली महिलाओं को भी गिलोय का सेवन (giloy side effects in pregnancy) कम करना चाहिए। इससे शरीर पर नकारात्‍मक असर पड़ता है। सर्जरी हुई है या सर्जरी करवानी है, तो भी इसे इस्तेमाल करने से बचें। इससे ब्‍लड शुगर प्रभावित होता है। ऐसे में सर्जरी का घाव सूखने में काफी परेशानी या समय लग सकता है। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि गिलोय का रक्त शर्करा के स्तर पर कुछ अवांछित दुष्प्रभाव होते हैं, जो सर्जरी के दौरान और बाद में रक्त शर्करा के स्तर को प्रभावित कर सकता है। इससे सर्जरी से जटिलताओं का खतरा बढ़ जाता है। सर्जरी से पहले और बाद में कुछ हफ्तों तक गिलोय के सेवन से बचना ही सबसे बेहतर विकल्प है।

गिलोय से होने वाले सेहत लाभ (Health Benefits Of Giloy)

1. जिन लोगों को एनीमिया है, उन्हें गिलोय का सेवन (Giloy benefits) जरूर करना चाहिए। गिलोय के पत्तों से तैयार जूस पीने से शरीर में खून की कमी की समस्या दूर होती है। गिलोय के जूस (Giloy juice) के अलावा आप गिलोय के जूस में आधा चम्मच घी और एक छोटा चम्मच शहद मिलाकर पिएं। इससे भी शरीर में खून की कमी दूर होती है।

2. आप पीलिया से पीड़ित हैं, तो भी गिलोय का सेवन करना फायदेमंद (Giloy benefits in hindi) साबित हो सकता है। गिलोय की पत्तियों को सुखाकर इसका चूर्ण तैयार कर सेवन करें। साथ ही आप चाहें, तो इसकी दो-तीन पत्त‍ियों को पानी में उबालें और इस पानी को ठंडा करने के बाद पी लें। गिलोय की पत्त‍ियों को पीसें और इस पेस्ट में आधा चम्मच शहद मिलाकर खाएं। इससे पीलिया में जल्दी रिकवर होने में मदद मिलता है।

3. यदि आपके हाथों-पैरों में झुनझुनी या बहुत ज्यादा जलन होती है, तो गिलोय का जूस पीना शुरू कर दें। हथेलियां गर्म रहती हैं, तो इसमें भी गिलोय बहुत फायदेमंद है। गिलोय की पत्त‍ियों को पीस लें। इस पेस्ट को तलवों और हथेलियों पर लगाकर आधा घंटा के लिए छोड़ दें। गिलोय की पत्त‍ियों का काढ़ा पीना भी हेल्दी होगा।








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